Saturday, February 10, 2024

मुक्तक: प्रेम पत्र

मुक्तक ==== ये मेरे प्रेम पत्र अगर तुम्हारे नाम नहीं होते तो दुनिया में कभी हम इतने बदनाम नहीं होते। कितनी दुश्वारियों को भी हमने गले लगाया है फिर भी कभी कम तेरे इल्ज़ाम नहीं होते।। *डॉ. रमा द्विवेदी*

No comments:

Post a Comment

मैं द्रौपदी नहीं हूं - परिचर्चा संपन्न

``मैं द्रौपदी नहीं हूँ ''पुस्तक परिचर्चा संपन्न -युवा उत्कर्ष साहित्यिक मंच =====================================================...